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सोमवार, 26 जनवरी 2026

आर्म्स दुकान में धमाका, 3 लोग झुलसे

    आर्म्स दुकान में धमाका, 3 लोग झुलसे
रतलाम। शहर के चांदनी चौक क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बंदूक (आर्म्स) की दुकान में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद दुकान में आग लग गई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 4 बजे की है। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के कारण अपनी दुकानों व घरों से बाहर निकल आए। आग की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया गया।

सूचना मिलते ही एसपी अमित कुमार, एएसपी राकेश खाखा और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुकान में वेल्डिंग का काम चल रहा था, इसी दौरान निकली चिंगारी बारूद के संपर्क में आ गई, जिससे विस्फोट हुआ।



शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

भोजशाला में पूजा ओर नमाज दोनों -- सुप्रीम कोर्ट

      भोजशाला में पूजा ओर नमाज दोनों
                 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी और जुमे के मौके पर आज पूजा और नमाज एक साथ हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने दोनों समुदायों के लिए समय और स्थान तय किया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिले में 8 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार ऐतिहासिक भोजशाला परिसर आज कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा और इबादत का केंद्र बनेगा। बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने के कारण यहां हिंदू समुदाय मां सरस्वती की अखंड पूजा कर रहा है, वहीं मुस्लिम समुदाय जुमे की नमाज अदा करेगा। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दोनों समुदायों के लिए एक सौहार्दपूर्ण रास्ता निकाला गया है।

यह स्थिति तब बनी जब हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की मांग की थी, जबकि मुस्लिम पक्ष हर शुक्रवार की तरह जुमे की नमाज पढ़ने पर कायम था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और एक संतुलित समाधान दिया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा और हवन कर सकेगा। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लिए दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज के लिए परिसर में ही एक अलग जगह उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन द्वारा नमाजियों के लिए पास की व्यवस्था की गई है और दोनों समुदायों के प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह का टकराव न हो।




फिर चाइनीज मांझा बना मुसीबत

         फिर चाइनीज मांझा बना मुसीबत 
रतलाम ।  जिले में एक बार फिर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने गुरुवार को दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। पहला हादसा कस्तूरबा नगर में बाइक पर सवार एक बुजुर्ग अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि समय रहते उन्होंने हाथ से डोर  हटाकर अपनी जान बचा ली, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

जानकारी के अनुसार बुजुर्ग की पहचान इंद्र शर्मा (60 वर्ष) पिता जमुनालाल, निवासी नेमीनाथ विहार कॉलोनी के रूप में हुई है। घटना के समय वे राम मंदिर क्षेत्र से कस्तूरबा नगर मेन रोड होते हुए अपनी फर्नीचर की दुकान जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उड़ती हुई चाइनीज मांझे की डोर उनके गले में आ फंसी। इंद्र शर्मा ने बताया कि जैसे ही डोर गले में फंसी, उन्होंने तुरंत अपने दाहिने हाथ से उसे हटाने का प्रयास किया। इससे उनका गला तो बच गया, लेकिन मांझे की धार से अंगूठे, नाक, गाल और आंख के नीचे गंभीर कट लग गए। संतुलन बिगड़ने से उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई और वे नीचे गिर पड़े।

वही दूसरा हादसा जावरा में फोरलेन स्थित ओवरब्रिज पर घर आते समय एडवोकेट  हर्ष काटेंड चाइनीज मांझे की चपेट में आगए अचानक उनके गले में धारदार डोर आ गई जिससे उनके गले में कट लग गया एडवोकेट ने तुरंत अपने हाथ से धारदार माझे को हटाना चाहा तो उनके हाथ की उंगली भी कट गई राहगीरों की मदद से उन्हें पास के नर्सिंग होम ले जाया गया जहां उनकी उंगली में पांच टाके आए हे। 

गुरुवार, 22 जनवरी 2026

आरक्षक पति ने किया पत्नी पर चाकू से हमला

     पति ने किया पत्नी पर चाकू से हमला
   
नीमच। रतलाम के स्टेशन रोड थाना दो-बत्ती में पदस्थ आरक्षक ने बुधवार रात करीब 8 बजे शराब के नशे में अपने ससुराल में पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। घटना नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम केलुखेड़ा में हुई। पुलिस के अनुसार पत्नी पिछले लगभग छह माह से अपने मासूम बच्चे के साथ मायके में रह रही थी। वह डिलीवरी के बाद से यहीं ठहरी हुई थी।

जानकारी के अनुसार हरिसिंह बावरी घर में घुसते ही गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने लगा। जब पीड़िता की मां बीच-बचाव के लिए आई तो आरोपी ने उनका गला दबा दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने चाकू निकालकर जीवनबाला पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान महिला की उंगलियां गंभीर रूप से कट गईं और वह लहूलुहान हो गई। परिजन तुरंत उसे जिला चिकित्सालय ले गए, जहां उसका इलाज जारी है।

अस्पताल में भर्ती जीवनबाला ने बताया कि उसका पति अपनी वर्दी और पद का रौब दिखाकर उसे लगातार प्रताड़ित करता था। महिला ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।



मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अलावा अन्य संगठनों को बदलना होगा नाम


 रजिस्ट्रार फर्म एंड सोशायटी ने जारी किया                             आदेश
                             
भोपाल। श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर अब केवल मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ही अस्तित्व में रहेगा। जो संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर पंजीकृत हैं उन्हें अपना नाम बदलना पड़ेगा, साथ ही अब श्रमजीवी पत्रकार के नाम से किसी अन्य संगठन का पंजीयन भी नहीं हो सकेगा। दरअसल, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल द्वारा भोपाल-नर्मदारपुरम संभाग, इंदौर संभाग, उज्जैन संभाग, सागर संभाग, ग्वालियर-चम्बल संभाग, रीवा-शहडोल संभाग एवं जबलपुर संभाग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं को निर्देशित किया गया है कि आपके कार्यालय में पंजीकृत श्रमजीवी पत्रकार संघों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर विधि अनुसार नाम संशोधित करने की कार्यवाही करें। रजिस्ट्रार ने यह भी कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ के नाम से विभिन्न जिलो में पंजीयन के समय गहन जॉचकर ही कार्यवाही की जाये। रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल ने यह आदेश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पक्ष में पारित निर्णय के अनुपालन में जारी किया गया है।

गौरतलब है कि इस संबंध में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने मिलते-जुलते नाम से पंजीकृत संगठनों के खिलाफ जिला व संभाग स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक लंबी लड़ाई लड़ी। अंतत: उनका संघर्ष कामयाब रहा और उच्च न्यायालय जबलपुर के न्यायाधीश जी.एस. अहलूवालिया ने 06 सितम्बर 2024 को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पक्ष में निर्णय पारित किया कि अन्य कोई संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम का उपयोग नहीं कर सकता। उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन को मामले में 24 अक्टूबर 2024 तक उभयपक्ष की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी कुछ संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर पंजीयन लिए बैठे थे। जिला या संभाग स्तर पर फर्म एंड सोसायटी के उप पंजीयकों ने भी ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की। लिहाजा ऐसे संगठनों द्वारा पत्रकारों को भ्रमित किया जाता था कि उनका संगठन ही वास्तविक श्रमजीवी पत्रकार संघ है। जिसके बाद मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति के साथ रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल को कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया था। अंतत: अब रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल ने प्रदेश के सभी उप पंजीयकों को श्रमजीवी पत्रकार के नाम से संचालित संगठनों का नाम बदलवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

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